" सुनेहा और तेरे मार्क्स केमेस्ट्री में कम है ना ? " " दो नंबर कम है मेरे पास होने के लिए " " वैसे क्लास तू में तो सारे मौखिक सवाल ठीक बताती थी? रंजन सर से बात करके देखो बात बन जाये| सर अच्छे है मदद कर देंगे " "चौथे पीरियड के घंटी के बाद सर से मिलूंगी " ये कहते हुए प्रिया का चेहरा उतर गया था| कितना जिद कर के वो केंद्रीय विद्यालय में एडमिशन के लिए पापा को मनाई थी | ग्यारहवीं के पहले परीक्षा में ही फेल हो गयी यह जानकर तो उसकी पढाई बंद ही कर देंगे | प्रिया 10th तक गाँव के हिंदी मध्यम स्कूल में पढ़ी थी| यहाँ केंद्रीय विद्यालय में पढ़ना उसके लिए किसी सपने के सच होने से काम नहीं था| पर अचानक से हिंदी से इंग्लिश में पढाई करना उतना आसान नहीं था| प्रिया अपने अंग्रेजी की समस्या के चलते रंजन सर से पहले भी बात कर चुकी थी| कभी कभी रंजन सर उसे अंग्रेजी में हेल्प भी किया करते थ | बार बार उसके जेहन में माँ की तस्वीर उभर रही थी| तड़पती धुप में धान के खेत में काम करते हुए| ...